2013/11/30

वैधृति योग

वैधृति योग में जन्म लेने वाला जातक शिकायत करने की प्रवृत्ति वाला, जीवन  की प्रारंभिक अवस्था में चित से चंचल, एवं सामान्यतः  लोभी प्रवृत्ति को धारण करता है ! इस योग में जन्मा जातक  सामन्यतः पिता या जीवन साथी के सुख में  भारी आभाव महसूस करता है कई प्रकार की परेशानियों में जीवन व्यतीत करने की अपेक्षा एकांतवास को प्राथमिकता देना भी योग में देखा जाता है! असत्य जीवन एवं बुरे कर्मो को मान्यता ये आसानी से दे देतें हैं, एवं इस कारण कई प्रकार के कष्ट एवं असाध्य रोगों एवं धन के आभाव का सामना इन्हें करना पड़ सकता है!  

ऐन्द्र योग

इस योग में जन्म लेने वाले लोग सभी प्रकार की सुख सुविधाओं से संपन्न होते हैं, इस योग में जन्मा जातक अपने कुल में श्रेष्ठता को प्राप्त होता है! शक्ति एवं सम्मान का अभिलाषी होता हैं, इस प्रकार ये राजनीतिक जीवन का चुनाव स्वतः ही कर लेतें हैं सामन्यतः इन्हें राजनीतिक जीवन में अपेक्षाकृत सफलता भी प्राप्त होती है! किन्तु यदि ये सामजिक जीवन में दुष्कर्मो या अनैतिक गतिविधियों को मान्यता प्रदान करते हैं, तो इन्हें अपने जीवन में बहुत सी अपमानजनक परिस्तिथियों एवं कठिनाईयों का सामना अवश्य करना पड़ता है, और ऐसे हालात बनने पर किसी भी प्रकार की बुद्धिमता एवं चालाकी से लिया गया निर्णय इन्हें अन्य कई प्रकार से क्षति पहुँचाता है  

ब्रह्मा योग

ब्रह्मा योग में जन्म लेने वाले जातक मीठी वाणी बोलने वाले, शक्तिशाली प्रतिभाशाली पवित्र आचरण  धारण करने वाले होते हैं ,ईश्वर में इनका अटूट विशवास होता है, ब्रह्मा योग में जन्मे लोग अच्छे बुरे सभी प्रकार के समय में धन को प्राप्त करने कि अपेक्षा ज्ञान को प्राप्त करने के अभिलाषी होते हैं, अर्थात इन जातकों के लिए जीवन में उच्च शिक्षा का मह्त्व धन से अधिक है! सदैव ये ब्रह्मज्ञान के अभिलाषी होते हैं ,एवं ज्ञान को प्राप्त करने की ओर ही अग्रसर रहते हैं! इस योग में जन्मे जातक के जीवन में कैसी भी परिस्तिथियाँ हो, ये सभी प्रकार के हालातों का सामना अपने स्वज्ञान के आधार पर करने में सक्षम होते हैं! इन्हें जीवन में बहुत सी विपरीत परिस्तिथियों का सामना अवश्य करना पड़ता है! जीवन के उतरार्ध में इन्हें मान सम्मान इत्यादि सभी कुछ प्राप्त होता है एवं ये इस प्रकार पूजनीय जीवन जीते हैं!